Search Here For The Blogs

Friday, June 28, 2024

भारतीय श्रम कानून के अंतर्गत कितने कानून आते हैं

  भारतीय श्रम कानून के अंतर्गत कितने कानून आते हैं 

भारतीय श्रम कानून के अंतर्गत कई कानून आते हैं जो श्रमिकों के अधिकारों, कामकाजी परिस्थितियों, मजदूरी, और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हैं। भारतीय श्रम कानून मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रमुख कानूनों को कवर करता है:



1. **कारखाना अधिनियम, 1948** (Factories Act, 1948)


2. **भुगतान अधिनियम, 1936** (Payment of Wages Act, 1936)


3. **न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948** (Minimum Wages Act, 1948)


4. **औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947** (Industrial Disputes Act, 1947)


5. **बोनस भुगतान अधिनियम, 1965** (Payment of Bonus Act, 1965)


6. **भवन और अन्य निर्माण श्रमिक (नियमन का रोजगार और सेवा की शर्तों) अधिनियम, 1996** (Building and Other Construction Workers (Regulation of Employment and Conditions of Service) Act, 1996)


7. **ठेका श्रमिक (विनियमन और उन्मूलन) अधिनियम, 1970** (Contract Labor (Regulation and Abolition) Act, 1970)


8. **महिला कर्मचारियों के मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961** (Maternity Benefit Act, 1961)


9. **भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण उपकर अधिनियम, 1996** (Building and Other Construction Workers' Welfare Cess Act, 1996)


10. **कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952** (Employees’ Provident Funds and Miscellaneous Provisions Act, 1952)


11. **कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948** (Employees’ State Insurance Act, 1948)


12. **ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972** (Payment of Gratuity Act, 1972)


13. **मजदूरी भुगतान अधिनियम, 1936** (Equal Remuneration Act, 1976)


14. **अंतर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक अधिनियम, 1979** (Inter-State Migrant Workmen (Regulation of Employment and Conditions of Service) Act, 1979)



ये कानून श्रमिकों के अधिकारों और हितों की रक्षा करने के लिए बनाए गए हैं और उनके कार्यस्थल की सुरक्षा, स्वास्थ्य, और सुविधाओं को सुनिश्चित करते हैं। इसके अलावा, भारतीय सरकार समय-समय पर नए कानून और संशोधन भी लागू करती रहती है ताकि श्रमिकों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सके।

No 6 and 14 not Important 



No comments:

Post a Comment