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Tuesday, July 16, 2024

भर्ती मेट्रिक्स कैसे करते है ? | How to do recruitment metrics ? | How many recruitment process ?

 भर्ती मेट्रिक्स कैसे करते है ? | How to do recruitment metrics ? | How many recruitment process ?



भर्ती मेट्रिक्स: एक सरल समझ

भर्ती मेट्रिक्स वे डेटा बिंदु या माप हैं जिनका उपयोग मानव संसाधन विभाग भर्ती प्रक्रिया की निगरानी, प्रबंधन और सुधार के लिए करते हैं। ये मेट्रिक्स हमें बताते हैं कि हमारी भर्ती रणनीति कितनी प्रभावी है और हमें भविष्य में सुधार के लिए क्या करना चाहिए।

प्रमुख भर्ती मेट्रिक्स

  1. समय-से-भर्ती (Time-to-Fill): किसी पद को भरने में लगने वाला औसत समय। यह मेट्रिक्स हमें बताता है कि हमारी भर्ती प्रक्रिया कितनी कुशल है।
  2. खाली पदों की संख्या (Number of Open Positions): किसी भी समय खाली पड़े पदों की संख्या। यह मेट्रिक्स हमें भर्ती की जरूरतों का एक संकेत देता है।
  3. आवेदन की संख्या (Number of Applications): किसी पद के लिए प्राप्त आवेदनों की संख्या। यह मेट्रिक्स हमें बताता है कि हमारा जॉब पोस्टिंग कितना प्रभावी है।
  4. साक्षात्कार किए गए उम्मीदवारों की संख्या (Number of Candidates Interviewed): साक्षात्कार के लिए बुलाए गए उम्मीदवारों की संख्या। यह मेट्रिक्स हमें बताता है कि हम कितने उम्मीदवारों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
  5. भर्ती लागत प्रति किराए पर लेने वाला (Cost per Hire): किसी नए कर्मचारी को भर्ती करने में होने वाली कुल लागत। यह मेट्रिक्स हमें भर्ती की लागत प्रभावशीलता बताता है।
  6. नौकरी स्वीकृति दर (Job Acceptance Rate): ऑफर स्वीकार करने वाले उम्मीदवारों का प्रतिशत। यह मेट्रिक्स हमें बताता है कि हमारी कंपनी उम्मीदवारों के लिए कितनी आकर्षक है।
  7. नए कर्मचारियों का रिटेंशन दर (New Hire Retention Rate): एक निश्चित समय अवधि के बाद नौकरी में बने रहने वाले नए कर्मचारियों का प्रतिशत। यह मेट्रिक्स हमें भर्ती की गुणवत्ता बताता है।
  8. स्रोत के अनुसार भर्ती (Source of Hire): विभिन्न स्रोतों (जैसे, जॉब पोर्टल्स, सोशल मीडिया, रेफरल) से भर्ती किए गए उम्मीदवारों का प्रतिशत। यह मेट्रिक्स हमें सबसे प्रभावी भर्ती चैनलों की पहचान करने में मदद करता है।
  9. भर्ती प्रक्रिया की अवधि (Length of Hiring Process): भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में लगने वाला समय। यह मेट्रिक्स हमें भर्ती प्रक्रिया की दक्षता बताता है।

भर्ती मेट्रिक्स का महत्व

भर्ती मेट्रिक्स का उपयोग करके, कंपनियां अपनी भर्ती रणनीतियों को बेहतर बना सकती हैं, लागत को कम कर सकती हैं, और बेहतर उम्मीदवारों को आकर्षित कर सकती हैं। ये मेट्रिक्स हमें यह समझने में मदद करते हैं कि हम क्या अच्छा कर रहे हैं और कहां सुधार की जरूरत है।

उदाहरण के लिए: यदि हम पाते हैं कि हमारा समय-से-भर्ती बहुत अधिक है, तो हम अपनी भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने के तरीकों की तलाश कर सकते हैं। या, यदि हम पाते हैं कि हमारा नौकरी स्वीकृति दर कम है, तो हम अपने जॉब पोस्टिंग्स या ऑफर पैकेज में सुधार कर सकते हैं।

बिल्कुल! ये तीनों मेट्रिक्स भर्ती प्रक्रिया की प्रभावशीलता को मापने में अहम भूमिका निभाते हैं, आइए इन्हें थोड़ा और विस्तार से समझते हैं:

  1. समय-से-भर्ती (Time-to-Hire): यह मेट्रिक्स किसी पद को खाली होने से लेकर उस पद के लिए किसी नए व्यक्ति को नियुक्त करने तक लगने वाले औसत समय को दर्शाता है। जितना कम समय-से-भर्ती होगा, भर्ती प्रक्रिया उतनी ही तेज और कुशल मानी जाती है।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए किसी पद के लिए औसत समय-से-भर्ती 60 दिन है। इसका मतलब है कि उस पद को भरने में कंपनी को औसतन 60 दिन लगते हैं।

  1. खर्च प्रति नियुक्ति (Cost-per-Hire): यह मेट्रिक्स किसी नए कर्मचारी को भर्ती करने में लगने वाली कुल लागत को दर्शाता है। इसमें जॉब पोस्टिंग, विज्ञापन, स्क्रीनिंग, साक्षात्कार, और अन्य भर्ती से जुड़ी गतिविधियों पर होने वाला खर्चा शामिल होता है।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए किसी कंपनी का किसी पद के लिए खर्च प्रति नियुक्ति ₹50,000 है। इसका मतलब है कि उस पद को भरने में कंपनी को औसतन ₹50,000 का खर्चा आता है।

  1. नियुक्ति की गुणवत्ता (Quality of Hire): यह मेट्रिक्स भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कंपनी में आने वाले नए कर्मचारियों की सफलता को मापता है। इसमें नए कर्मचारी का प्रदर्शन, कंपनी में उनका टिकाव (Retention Rate), और कंपनी के लक्ष्यों को हासिल करने में उनका योगदान शामिल होता है।

गुणवत्तापूर्ण नियुक्ति का सीधा संबंध कंपनी की सफलता से होता है। उच्च गुणवत्ता वाले कर्मचारी कंपनी के विकास और लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भर्ती प्रक्रिया (Recruitment Process) एक मानकीकृत प्रक्रिया नहीं है। यह कंपनी के आकार, उद्योग, भरे जाने वाले पद के प्रकार और कंपनी की संस्कृति के आधार पर भिन्न हो सकती है। हालांकि, सामान्यतौर पर भर्ती प्रक्रिया में कुछ प्रमुख चरण शामिल होते हैं, जिन्हें थोड़े बदलावों के साथ अपनाया जा सकता है।

यहाँ भर्ती प्रक्रिया के कुछ सामान्य चरण दिए गए हैं:

1. भर्ती की आवश्यकता की पहचान (Identifying the Need): सबसे पहले, कंपनी को यह पहचानना होता है कि उन्हें किस पद के लिए भर्ती करनी है। इसमें यह तय करना शामिल है कि नया पद बनाना है, किसी मौजूदा पद को भरना है, या किसी वर्तमान कर्मचारी को पदोन्नति देनी है।

2. आवश्यकता विश्लेषण (Needs Analysis): कंपनी को यह तय करना होता है कि उन्हें किस प्रकार के कौशल और अनुभव वाले उम्मीदवार की आवश्यकता है। इसमें जॉब डिस्क्रिप्शन (Job Description) और जॉब स्पेसिफिकेशन (Job Specification) तैयार करना शामिल है।

3. उम्मीदवारों को ढूँढना (Finding Candidates): जॉब पोस्टिंग, विज्ञापन, एम्प्लॉयमेंट वेबसाइट्स, रेफरल कार्यक्रम आदि के माध्यम से उम्मीदवारों को आकर्षित किया जाता है।

4. आवेदन की समीक्षा (Application Review): प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की जाती है और यह देखा जाता है कि कौन से उम्मीदवार आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

5. स्क्रीनिंग और टेस्ट (Screening and Testing): शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को फोन स्क्रीनिंग, टेलीफोनिक इंटरव्यू, या ऑनलाइन टेस्ट के माध्यम से आंका जा सकता है।

6. साक्षात्कार (Interview): चुने हुए उम्मीदवारों का आमने-सामने या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साक्षात्कार लिया जाता है।

7. संदर्भों की जाँच (Reference Check): कुछ कंपनियां उम्मीदवारों के पिछले नियोक्ताओं या संदर्भों से उनकी योग्यता के बारे में जानकारी हासिल करती हैं।

8. जॉब ऑफर (Job Offer): सबसे उपयुक्त उम्मीदवार को जॉब ऑफर दी जाती है, जिसमें वेतन, लाभ और अन्य रोजगार शर्तें शामिल होती हैं।

9. उम्मीदवार का स्वीकृति (Candidate Acceptance): उम्मीदवार जॉब ऑफर को स्वीकार करता है या अस्वीकार करता है।

10. जमावट (Onboarding): नए कर्मचारी को कंपनी की संस्कृति, नीतियों और प्रक्रियाओं से परिचित कराया जाता है।

यह एक सामान्य रूपरेखा है, और जैसा कि पहले बताया गया है, विशिष्ट कंपनियां इन चरणों को थोड़ा बदल सकती हैं। कुछ कंपनियां चरणों को कम कर सकती हैं, जबकि अन्य अतिरिक्त चरण जोड़ सकती हैं।

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