ISO certificate कैसे प्राप्त करें? ISO प्रमाणपत्र के लिए प्रमुख दस्तावेज़ क्या हैं?
ISO (International Organization for Standardization) प्रमाणपत्र की शुरुआत 1947 में हुई थी। यह संस्था स्विट्जरलैंड में स्थित है और इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मानकों को स्थापित करना है।
**ISO प्रमाणपत्र की शुरुआत किस देश हुई?**
ISO (International Organization for Standardization) ऑडिट की शुरुआत स्विट्जरलैंड में हुई थी। ISO की स्थापना 23 फरवरी 1947 को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में की गई थी। यह संस्था विश्वस्तरीय मानक विकसित करने और उन मानकों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है। ISO का पहला मानक, ISO 1, 1951 में जारी किया गया था, जो ज्यामितीय उत्पाद विश especificेशन (GPS) से संबंधित था।ISO मानकों का उद्दीपन, मानकीकरण के माध्यम से वैश्विक व्यापार और उद्योगों में गुणवत्ता, सुरक्षा, और दक्षता को सुनिश्चित करना है।
**ISO प्रमाणपत्र का ऑडिट कहां होता है?**
ISO प्रमाणपत्र का ऑडिट आमतौर पर उन संगठनों और कंपनियों के स्थान पर किया जाता है जो प्रमाणित होना चाहते हैं। यह ऑडिट पूरी दुनिया में होता है, और इसका संचालन विभिन्न देशों में स्थित मान्यता प्राप्त प्रमाणन निकाय (certification bodies) द्वारा किया जाता है। ये निकाय ISO द्वारा मान्यता प्राप्त होते हैं।
**ISO प्रमाणपत्र का ऑडिट क्यों किया जाता है?**
ISO प्रमाणपत्र का ऑडिट इसलिए किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संगठन या कंपनी ISO के मानकों और आवश्यकताओं का पालन कर रही है। यह ऑडिट गुणवत्ता, सुरक्षा, और प्रबंधन प्रणालियों की सुनिश्चितता के लिए महत्वपूर्ण है। प्रमाणपत्र प्राप्त करने से एक संगठन की प्रक्रिया, उत्पाद, या सेवा की गुणवत्ता और मानक के अनुसार होने की पुष्टि होती है, जो कि बाजार में विश्वास और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है।
ISO प्रमाणपत्र के ऑडिट की प्रक्रिया और समय सीमा को लेकर निम्नलिखित जानकारी है:
**ISO ऑडिट कब कराई जाती है?**
1. **प्रारंभिक ऑडिट**: जब कोई संगठन ISO मानक के लिए प्रमाणित होना चाहता है, तो उसे पहले एक प्रारंभिक ऑडिट कराना पड़ता है। यह ऑडिट यह सुनिश्चित करता है कि संगठन के प्रबंधन प्रणाली या प्रक्रियाएं मानक के अनुरूप हैं या नहीं।
2. **प्रमाणन ऑडिट**: प्रारंभिक ऑडिट के बाद, प्रमाणन निकाय (certification body) द्वारा एक ऑडिट किया जाता है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि संगठन ISO मानकों का पालन कर रहा है।
3. **नवीकरण ऑडिट**: ISO प्रमाणपत्र की वैधता आमतौर पर तीन साल होती है। प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त होने से पहले, संगठन को एक नवीकरण ऑडिट कराना होता है ताकि प्रमाणपत्र को नवीनीकरण मिल सके।
**ISO ऑडिट की समयसीमा**
- **प्रारंभिक ऑडिट**: यह ऑडिट तब किया जाता है जब कोई संगठन पहली बार प्रमाणन के लिए आवेदन करता है।
- **सालाना निगरानी ऑडिट**: ISO प्रमाणपत्र के जारी रहने के दौरान, सालाना निगरानी ऑडिट आयोजित किए जाते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संगठन मानकों का पालन कर रहा है।
- **नवीकरण ऑडिट**: तीन साल के बाद प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होती है, और नवीकरण ऑडिट की आवश्यकता होती है।
**ISO ऑडिट के प्रकार**
1. **पहले ऑडिट (Initial Audit)**: यह ऑडिट उन संगठनों के लिए होता है जो पहली बार ISO प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं।
2. **सालाना निगरानी ऑडिट (Surveillance Audit)**: प्रमाणपत्र जारी होने के बाद, सालाना निगरानी ऑडिट आयोजित किया जाता है।
3. **नवीकरण ऑडिट (Recertification Audit)**: तीन साल के बाद प्रमाणपत्र की नवीनीकरण के लिए किया जाता है।
**ISO प्रमाणपत्र के प्रकार**
ISO प्रमाणपत्र विभिन्न मानकों पर आधारित होते हैं। कुछ प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं:
1. **ISO 9001**: गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली
2. **ISO 14001**: पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली
3. **ISO 45001**: व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली
4. **ISO 50001**: ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली
5. **ISO 27001**: सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली
6. **ISO 22000**: खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली
7. **ISO 13485**: चिकित्सा उपकरणों के लिए गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली
8. **ISO 22301**: व्यापार निरंतरता प्रबंधन प्रणाली
प्रत्येक मानक एक विशिष्ट प्रबंधन प्रणाली पर केंद्रित है और संगठन की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
ISO ऑडिट के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं और आधारों पर ध्यान दिया जाता है। निम्नलिखित विवरण इसके प्रमुख बिंदुओं, आधार और ऑडिटिंग एजेंसियों के बारे में है:
**ISO ऑडिट के महत्वपूर्ण बिंदु**
1. **मानक का अनुपालन**: ऑडिट यह सुनिश्चित करता है कि संगठन ISO मानकों के सभी आवश्यकताओं का पालन कर रहा है।
2. **प्रबंधन प्रणाली**: प्रबंधन प्रणाली की प्रभावशीलता, जैसे कि गुणवत्ता प्रबंधन, पर्यावरण प्रबंधन, या सुरक्षा प्रबंधन, की जांच की जाती है।
3. **प्रलेखन और रिकॉर्ड**: ऑडिट में यह देखा जाता है कि संगठन के पास सही प्रलेखन और रिकॉर्ड्स हैं जो ISO मानकों के अनुसार हैं।
4. **प्रोसेस और प्रक्रियाएँ**: यह सुनिश्चित किया जाता है कि संगठन की प्रक्रियाएँ मानकों के अनुरूप हैं और प्रभावी ढंग से लागू की गई हैं।
5. **आंतरिक ऑडिट और प्रबंधन समीक्षा**: यह जांचा जाता है कि संगठन की आंतरिक ऑडिट और प्रबंधन समीक्षा प्रक्रियाएं ठीक से संचालित हो रही हैं।
6. **सुधार की कार्रवाई**: पिछले ऑडिटों के परिणामों और सुधारात्मक कार्रवाइयों की समीक्षा की जाती है।
7. **कर्मचारी प्रशिक्षण और जागरूकता**: कर्मचारियों की ISO मानकों के प्रति जागरूकता और उनके प्रशिक्षण की स्थिति की भी जांच की जाती है।
**ISO ऑडिट का आधार**
1. **ISO मानक**: ऑडिट ISO के विशिष्ट मानकों पर आधारित होती है, जैसे कि ISO 9001 (गुणवत्ता प्रबंधन), ISO 14001 (पर्यावरण प्रबंधन), आदि।
2. **प्रबंधन प्रणाली का फ्रेमवर्क**: ऑडिट प्रबंधन प्रणाली के डिजाइन, कार्यान्वयन, और प्रभावशीलता का मूल्यांकन करती है।
3. **कानूनी और नियामक आवश्यकताएँ**: संबंधित कानून और नियमों का पालन करने की स्थिति की जांच की जाती है।
4. **प्रोसेस ऑडिट**: संगठन की प्रक्रियाओं और उनकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाता है।
**ISO ऑडिट को कौन-कौन सी एजेंसियाँ करती हैं**
ISO प्रमाणन ऑडिट की प्रक्रिया को मान्यता प्राप्त प्रमाणन निकाय (certification bodies) द्वारा किया जाता है। कुछ प्रमुख एजेंसियाँ निम्नलिखित हैं:
1. **Bureau Veritas**: वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणन निकाय।
2. **SGS (Société Générale de Surveillance)**: गुणवत्ता और मानक प्रमाणन के क्षेत्र में प्रसिद्ध।
3. **TÜV SÜD**: एक प्रमुख प्रमाणीकरण और निरीक्षण संस्था।
4. **Intertek**: विभिन्न मानकों पर प्रमाणन और निरीक्षण सेवाएं प्रदान करने वाली संस्था।
5. **DNV GL (Det Norske Veritas)**: एक प्रमुख गुणवत्ता और सुरक्षा प्रमाणन संस्था।
6. **Lloyd's Register**: वैश्विक प्रमाणन और निरीक्षण सेवाएं।
7. **Bureau Veritas**: गुणवत्ता और प्रबंधन प्रणालियों के लिए प्रमाणन।
8. **TÜV Rheinland**: प्रमाणन, निरीक्षण और परीक्षण सेवाएं।
9. **SRI (Scientific Research Institute)**: वैज्ञानिक और तकनीकी परीक्षण और प्रमाणन।
10. **Perry Johnson Registrars**: ISO प्रमाणन और निरीक्षण सेवाएं।
ये एजेंसियाँ प्रमाणन के लिए मान्यता प्राप्त होती हैं और ISO मानकों के अनुसार ऑडिट प्रक्रिया को संचालित करती हैं।
**ISO ऑडिट की करने की प्रक्रिया**
1. **प्रमाणन के लिए आवेदन**: संगठन सबसे पहले प्रमाणन निकाय के पास आवेदन करता है, जिसमें संगठन की जानकारी और प्रबंधन प्रणाली का विवरण होता है।
2. **प्रारंभिक समीक्षा**: आवेदन प्राप्त होने के बाद, प्रमाणन निकाय संगठन की प्रलेखन की प्रारंभिक समीक्षा करता है। इसमें यह देखा जाता है कि दस्तावेज़ और प्रलेखन ISO मानकों के अनुसार हैं या नहीं।
3. **प्रारंभिक ऑडिट (Stage 1)**: इस चरण में एक प्रारंभिक ऑडिट किया जाता है जिसमें यह देखा जाता है कि संगठन ISO मानकों की आवश्यकताओं को समझता है और इसके लिए पर्याप्त तैयारी की है या नहीं। इस चरण में प्रलेखन की समीक्षा और साइट की प्रारंभिक जांच की जाती है।
4. **प्रमाणन ऑडिट (Stage 2)**: इस चरण में एक व्यापक ऑडिट किया जाता है जिसमें यह जांचा जाता है कि संगठन की प्रबंधन प्रणाली ISO मानकों के अनुसार लागू है और प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। इसमें कर्मचारियों के साथ साक्षात्कार, प्रक्रिया निरीक्षण और रिकॉर्ड की समीक्षा शामिल होती है।
5. **ऑडिट रिपोर्ट और मूल्यांकन**: ऑडिट के बाद, एक रिपोर्ट तैयार की जाती है जिसमें ऑडिट के निष्कर्ष और किसी भी सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिशें शामिल होती हैं। यदि सब कुछ ठीक होता है, तो प्रमाणन निकाय प्रमाणपत्र जारी करता है।
6. **सुधारात्मक कार्रवाइयाँ**: यदि ऑडिट के दौरान कोई दोष या गैर-अनुपालन पाया जाता है, तो संगठन को सुधारात्मक कार्रवाइयाँ करनी होती हैं और फिर एक फॉलो-अप ऑडिट किया जा सकता है।
7. **नवीकरण और निगरानी ऑडिट**: प्रमाणपत्र जारी होने के बाद, नियमित निगरानी ऑडिट किए जाते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संगठन मानकों का पालन कर रहा है। प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त होने पर, नवीकरण ऑडिट भी किया जाता है।
**ISO ऑडिट के लाभ**
1. **गुणवत्ता में सुधार**: ISO प्रमाणन से संगठन की उत्पाद या सेवा की गुणवत्ता में सुधार होता है।
2. **प्रबंधन प्रणाली की मान्यता**: एक मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र संगठन की प्रबंधन प्रणाली की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता को मान्यता प्रदान करता है।
3. **ग्राहक विश्वास और संतोष**: प्रमाणपत्र प्राप्त करने से ग्राहक और अन्य स्टेकहोल्डर्स के बीच विश्वास और संतोष बढ़ता है।
4. **प्रोसेस में सुधार**: मानक प्रक्रियाओं और प्रबंधन प्रणालियों के अनुसार काम करने से संगठनों की कार्यप्रणाली में सुधार होता है।
5. **कानूनी और नियामक अनुपालन**: ISO मानक कानूनी और नियामक आवश्यकताओं के अनुरूप होते हैं, जिससे अनुपालन सुनिश्चित होता है।
6. **प्रतिस्पर्धात्मक लाभ**: ISO प्रमाणपत्र संगठनों को बाज़ार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करता है।
7. **सतत सुधार**: प्रमाणन प्रक्रिया और निगरानी ऑडिटों के माध्यम से निरंतर सुधार की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।
**गवर्नमेंट द्वारा ISO ऑडिट**
ISO ऑडिट आमतौर पर निजी प्रमाणन निकायों द्वारा किया जाता है, और सरकारी संस्थाएं सीधे ISO ऑडिट नहीं करातीं। हालांकि, कई देशों में सरकारें और नियामक संस्थाएं ISO मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियम और दिशानिर्देश जारी करती हैं। सरकारी एजेंसियाँ कुछ विशेष प्रकार की ऑडिट या मानक अनुपालन की निगरानी कर सकती हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां सुरक्षा, पर्यावरण, और सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे शामिल होते हैं।
उदाहरण के लिए:
- **सरकारी परियोजनाएँ**: कुछ सरकारी परियोजनाओं के लिए मानक अनुपालन की आवश्यकता हो सकती है।
- **कानूनी अनुपालन**: कुछ नियम और कानून ISO मानकों के पालन को अनिवार्य बना सकते हैं।
इनके अलावा, कुछ सरकारी एजेंसियाँ और मंत्रालय भी उद्योगों में मानक और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और समीक्षा कर सकती हैं।
ISO प्रमाणपत्र के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची
MASTER LIST
| 1 | Quality Manual |
| 2 | List of Internal & External Issues |
| 3 | List of interested parties and their requirements |
| 4 | Documented Scope |
| 5 | Sequence & Interaction Chart and Process Flow Diagram |
| 6 | Quality Policy |
| 7 | Organization Roles, Responsibility & Authority and KPIs |
| 8 | Risk & Opportunities |
| 9 | Legal Register |
| 10 | Quality Objectives |
| 11 | List of Resource & People |
| 12 | Competence, Training and Awareness records |
| 13 | List of Monitoring & Measuring Resources |
| 14 | Calibration Document |
| 15 | Maintenance & Breakdown Records |
| 16 | Document for Organization Knowledge |
| 17 | Control of papers and Records |
| 18 | Procurement & their Record |
| 19 | Competence, training and awareness |
| 20 | Design and Development & their Records |
| 21 | Steps for control of externally provided processes, products and services (outsourced processes) |
| 22 | Procedure for production and service provision |
| 23 | Product & Service Specification |
| 24 | Procedure for Review of the requirements for products and services |
| 25 | Changes to requirements for products and services |
| 26 | Procedure for property belonging to customers or external providers |
| 27 | Control of changes |
| 28 | Procedure for internal audit |
| 29 | Management review |
| 30 | Operation Planning & Control for each department |
| 31 | Procedure for Compliance Obligation |
| 32 | Customer enquiries, contracts, orders, feedback & complaints |
| 33 | Criteria for evaluation and selection of suppliers |
| 34 | Identification & Traceability Record |
| 35 | Non-conformance & Corrective Action Record |
| 36 | Internal Audit Record |
| 37 | Management Review Record |
| 38 | Sales Order & Purchase Order |

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