What is Onboarding ? l What is its process ? l ऑनबोर्डिंग क्या है? ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया
ऑनबोर्डिंग किसी नई चीज़ से जुड़ने की प्रक्रिया है। इसे दो तरीकों से समझा जा सकता है:
नए कर्मचारी के लिए: यह किसी नए कर्मचारी को कंपनी और उसकी भूमिका से परिचित कराने की प्रक्रिया है। इसमें कंपनी की संस्कृति, दैनिक कार्य, उपकरण और प्रक्रियाओं को सीखना शामिल है।
नए ग्राहक के लिए: यह किसी नए ग्राहक को किसी उत्पाद या सेवा से परिचित कराने की प्रक्रिया है। इसमें उत्पाद की विशेषताओं, इस्तेमाल करने के तरीकों और ग्राहक सहायता से जुड़ी जानकारी देना शामिल है।
ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया
आम तौर पर, ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:
- प्रारंभिक स्वागत: इसमें नए व्यक्ति का स्वागत करना, उसे कंपनी या उत्पाद से परिचित कराना और जरूरी दस्तावेजों को पूरा करना शामिल है।
- कंपनी या उत्पाद की जानकारी देना: नए व्यक्ति को कंपनी के इतिहास, मूल्यों, मिशन और विजन के बारे में बताया जाता है। उत्पाद के मामले में, इसकी विशेषताओं और लाभों के बारे में बताया जाता है।
- प्रशिक्षण: नए कर्मचारी को उसकी भूमिका के लिए जरूरी प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें कंपनी के सॉफ्टवेयर, उपकरण और प्रक्रियाओं को सीखना शामिल है। नए ग्राहक को उत्पाद का इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण दिया जा सकता है।
- टीम से परिचय: नए व्यक्ति को उसकी टीम के सदस्यों से मिलवाया जाता है। इससे उसे सहयोगियों से जुड़ने और मदद पाने में आसानी होती है।
- प्रगति का मूल्यांकन: कुछ समय बाद, नए व्यक्ति की प्रगति का मूल्यांकन किया जाता है। इससे यह पता चलता है कि उसे और किस तरह का समर्थन चाहिए।
अच्छे ऑनबोर्डिंग के फायदे
- नए व्यक्ति को जल्दी से काम करने में लगने में मदद मिलती है।
- कंपनी की संस्कृति को समझने में आसानी होती है।
- काम में अधिक जुड़ाव और संतुष्टि महसूस होती है।
- कंपनी के लिए दीर्घकालिक लाभ (लंबे समय तक चलने वाले फायदे) मिलते हैं।
ऑनबोर्डिंग में कितना समय लगता है?
ऑनबोर्डिंग में कितना समय लगता है यह कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे:
- कंपनी का आकार और जटिलता: बड़ी और जटिल कंपनियों में आमतौर पर छोटी कंपनियों की तुलना में अधिक समय लगता है।
- नए व्यक्ति की भूमिका: कुछ भूमिकाओं को सीखने में दूसरों की तुलना में अधिक समय लगता है।
- नए व्यक्ति का अनुभव: पहले से अनुभव वाले व्यक्ति को नए व्यक्ति की तुलना में कम समय लग सकता है।
- ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया: कुछ कंपनियों में औपचारिक ऑनबोर्डिंग प्रोग्राम होते हैं जो कई हफ्तों या महीनों तक चल सकते हैं, जबकि अन्य कंपनियों में अधिक अनौपचारिक प्रक्रिया होती है जो कुछ दिनों या हफ्तों में पूरी हो जाती है।
शोध के अनुसार, ऑनबोर्डिंग में औसतन 3 महीने लगते हैं।
हालांकि, कुछ कंपनियों का मानना है कि कर्मचारी प्रतिधारण को बढ़ाने के लिए पूरे पहले वर्ष में ऑनबोर्डिंग को जारी रखना महत्वपूर्ण है।
ऑनबोर्डिंग में क्या ध्यान देना चाहिए?
यहां कुछ चीजें हैं जिन पर आपको ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के दौरान ध्यान देना चाहिए:
- स्पष्ट लक्ष्य और अपेक्षाएं निर्धारित करें: नए व्यक्ति को पता होना चाहिए कि उससे क्या अपेक्षा की जा रही है और उसे सफल होने के लिए क्या करना होगा।
- नियमित प्रतिक्रिया प्रदान करें: नए व्यक्ति को उसकी प्रगति पर प्रतिक्रिया दें ताकि वह जान सके कि वह क्या सही कर रहा है और क्या सुधार कर सकता है।
- मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान करें: नए व्यक्ति को अपनी नई भूमिका और जिम्मेदारियों में सफल होने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान करें।
- एक सकारात्मक और स्वागत योग्य माहौल बनाएं: नए व्यक्ति को ऐसा महसूस कराएं कि वह टीम का स्वागत योग्य सदस्य है।
अतिरिक्त टिप्स:
- नए व्यक्ति को एक मेंटर या कोच प्रदान करें।
- कंपनी की संस्कृति और मूल्यों के बारे में शिक्षित करें।
- कंपनी के विभिन्न विभागों और टीमों का परिचय कराएं।
- सामाजिक कार्यक्रमों और गतिविधियों में नए व्यक्ति को शामिल करें।
ऑनबोर्डिंग एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो नए कर्मचारियों या ग्राहकों को सफल होने में मदद कर सकती है।
इसमें समय और प्रयास का निवेश करके, आप अपनी कंपनी के लिए दीर्घकालिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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