कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948
लागू होने की तिथि:
- कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 को 1 फरवरी 1948 को लागू किया गया था।
- अधिनियम को धीरे-धीरे पूरे भारत में लागू किया गया था।
- वर्तमान में, यह अधिनियम देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है।
- स्वास्थ्य बीमा:
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) स्वास्थ्य बीमा के तहत प्रदान की जाने वाली सेवाएं:
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) योजना भारत सरकार द्वारा संचालित एक सामाजिक सुरक्षा योजना है जो कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बीमारी, मातृत्व और चोट के लिए चिकित्सा लाभ प्रदान करती है।
ईएसआईसी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रदान की जाने वाली सेवाएं:
- प्राथमिक चिकित्सा: ईएसआईसी डिस्पेंसरियों और अस्पतालों में कर्मचारियों और उनके आश्रितों को प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता है।
- द्वितीयक चिकित्सा: गंभीर बीमारियों के मामले में, ईएसआईसी अस्पतालों या अनुबंधित अस्पतालों में द्वितीयक चिकित्सा सेवा प्रदान करता है।
- विशेषज्ञ चिकित्सा: ईएसआईसी अस्पतालों या अनुबंधित अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा भी प्रदान करता है।
- दवाएं: ईएसआईसी डिस्पेंसरियों और अस्पतालों में कर्मचारियों और उनके आश्रितों को मुफ्त दवाएं प्रदान करता है।
- अस्पताल में भर्ती: गंभीर बीमारियों के मामले में, ईएसआईसी अस्पतालों या अनुबंधित अस्पतालों में कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भर्ती प्रदान करता है।
- प्रसूति लाभ: गर्भवती महिला कर्मचारियों को प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल के लिए मातृत्व लाभ मिलता है।
- अशक्तता लाभ: यदि कोई कर्मचारी काम करने में असमर्थ हो जाता है, तो उसे अधिनियम के तहत अशक्तता लाभ मिल सकता है।
- मृत्यु लाभ: यदि कोई कर्मचारी मर जाता है, तो उनके आश्रितों को अधिनियम के तहत मृत्यु लाभ मिल सकता है।
ईएसआईसी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाभार्थी:
- बीमित व्यक्ति: वेतन पाने वाले कर्मचारी जो ईएसआईसी योजना के तहत योगदान करते हैं, वे बीमित व्यक्ति होते हैं।
- आश्रित: बीमित व्यक्ति के पति या पत्नी, अविवाहित पुत्र या पुत्री जो 25 वर्ष से कम आयु के हैं, और विधवा माता-पिता बीमा योजना के तहत आश्रित के रूप में पात्र हैं।
ईएसआईसी स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए योगदान:
- ईएसआईसी स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए योगदान कर्मचारी के वेतन का 0.75% होता है, जिसे नियोक्ता और कर्मचारी द्वारा समान रूप से साझा किया जाता है।
ईएसआईसी स्वास्थ्य बीमा योजना का दावा कैसे करें:
- ईएसआईसी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत दावा करने के लिए, बीमित व्यक्ति को ईएसआईसी डिस्पेंसरी या अस्पताल से संपर्क करना होगा।
- दावा करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में बीमा कार्ड, पहचान प्रमाण और चिकित्सा प्रमाण पत्र शामिल हैं।
- अशक्तता लाभ:
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) के तहत अशक्तता लाभ
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) अधिनियम के तहत, अशक्तता लाभ एक वित्तीय सहायता है जो किसी कर्मचारी को प्रदान की जाती है, यदि वह रोजगार दुर्घटना (Employment Injury) या व्यावसायिक रोग (Occupational Disease) के कारण काम करने में असमर्थ हो जाता है।
अशक्तता लाभ के प्रकार:
अस्थायी अशक्तता लाभ (टी डी बी - Temporary Disablement Benefit): यह लाभ उस अवधि के लिए दिया जाता है जब तक कर्मचारी अस्थायी रूप से काम करने में असमर्थ होता है। अस्थायी अशक्तता लाभ वेतन का लगभग 90% होता है और यह तब तक दिया जाता है, जब तक उपचार द्वारा महत्वपूर्ण सुधार की संभावना हो।
स्थायी अशक्तता लाभ (पीडीबी - Permanent Disablement Benefit): यह लाभ उस स्थिति में दिया जाता है, जब कर्मचारी को स्थायी रूप से विकलांगता हो जाती है और उसकी कमाई की क्षमता कम हो जाती है। स्थायी अशक्तता लाभ की राशि चिकित्सा बोर्ड द्वारा निर्धारित विकलांगता की डिग्री पर आधारित होती है और यह मासिक भुगतान के रूप में दी जाती है।
अशक्तता लाभ के लिए पात्रता:
- ईएसआईसी योजना के अंतर्गत बीमित व्यक्ति होना चाहिए।
- रोजगार के दौरान लगी चोट या व्यावसायिक रोग के कारण काम करने में असमर्थ होना चाहिए।
- चोट या बीमारी से संबंधित दस्तावेज जमा करने चाहिए, जैसे कि दुर्घटना रिपोर्ट और चिकित्सा प्रमाण पत्र।
दावा कैसे करें:
- अपने नियोक्ता को सूचित करें और रोजगार दुर्घटना या व्यावसायिक रोग की रिपोर्ट दर्ज कराएं।
- आवश्यक दस्तावेज, जैसे कि दुर्घटना रिपोर्ट, चिकित्सा प्रमाण पत्र आदि जमा करें।
- ईएसआईसी डिस्पेंसरी या अस्पताल से संपर्क करें और दावा फॉर्म जमा करें।
- प्रसूति लाभ:
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) योजना के तहत प्रसूति लाभ
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) योजना गर्भवती महिला कर्मचारियों को प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल के लिए प्रसूति लाभ प्रदान करती है।
प्रसूति लाभ के प्रकार:
- प्रसूति अवकाश: ईएसआईसी योजना के तहत, बीमित महिला कर्मचारी को प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मिलता है।
- प्रसूति पूर्व चिकित्सा देखभाल: ईएसआईसी डिस्पेंसरियों और अस्पतालों में गर्भवती महिला कर्मचारियों को मुफ्त प्रसूति पूर्व चिकित्सा देखभाल प्रदान करता है।
- प्रसव: ईएसआईसी अस्पतालों या अनुबंधित अस्पतालों में सामान्य प्रसव के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान करता है।
- प्रसूति उपचार: प्रसव के बाद जटिलताओं के मामले में, ईएसआईसी अस्पतालों या अनुबंधित अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा उपचार प्रदान करता है।
- नर्सिंग भत्ता: प्रसव के बाद 6 सप्ताह तक नवजात शिशु की देखभाल के लिए नर्सिंग भत्ता प्रदान किया जाता है।
- प्रसूति लाभ: प्रसूति अवकाश के दौरान, कर्मचारी को औसत दैनिक मजदूरी का 100% मातृत्व लाभ के रूप में भुगतान किया जाता है।
प्रसूति लाभ के लिए पात्रता:
- ईएसआईसी योजना के अंतर्गत कम से कम 10 महीने का योगदान जमा करना।
- प्रसव से कम से कम 15 दिन पहले ईएसआईसी डिस्पेंसरी या अस्पताल में पंजीकरण कराना।
- गर्भावस्था का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना।
दावा कैसे करें:
- प्रसव पूर्व 6 सप्ताह पहले ईएसआईसी डिस्पेंसरी या अस्पताल में प्रसूति लाभ फॉर्म जमा करें।
- आवश्यक दस्तावेज, जैसे कि जन्म प्रमाण पत्र, गर्भावस्था का प्रमाण पत्र आदि जमा करें।
- ईएसआईसी डिस्पेंसरी या अस्पताल से मातृत्व लाभ प्राप्त करें।
प्रसूति लाभ की राशि:
प्रसूति लाभ की राशि कर्मचारी की औसत दैनिक मजदूरी पर आधारित होती है। औसत दैनिक मजदूरी की गणना पिछले 12 महीनों में प्राप्त कुल वेतन को 365 दिनों से विभाजित करके की जाती है।
- मृत्यु लाभ:
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) योजना के तहत मृत्यु लाभ
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) योजना मृत्यु लाभ उन आश्रितों को प्रदान करती है जिनके कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, जबकि वे ईएसआईसी योजना के तहत बीमित होते हैं।
मृत्यु लाभ के प्रकार:
- आश्रितों को मृत्यु लाभ: मृतक कर्मचारी के आश्रितों को उनकी आयु और मृतक कर्मचारी की औसत कमाई के आधार पर मृत्यु लाभ दिया जाता है।
- अंतिम संस्कार खर्च: मृतक कर्मचारी के अंतिम संस्कार के लिए 15,000 रुपये तक का अंतिम संस्कार खर्च भी प्रदान किया जाता है।
मृत्यु लाभ के लिए पात्रता:
- मृतक कर्मचारी को ईएसआईसी योजना के तहत कम से कम 10 महीने का योगदान जमा करना होगा।
- मृतक कर्मचारी की मृत्यु रोजगार के दौरान चोट या व्यावसायिक बीमारी के कारण होनी चाहिए।
- मृतक कर्मचारी के आश्रितों को मृत्यु प्रमाण पत्र और आश्रितता प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
दावा कैसे करें:
- मृतक कर्मचारी के आश्रित को ईएसआईसी डिस्पेंसरी या अस्पताल से मृत्यु लाभ फॉर्म प्राप्त करना होगा।
- आवश्यक दस्तावेज, जैसे कि मृत्यु प्रमाण पत्र, आश्रितता प्रमाण पत्र, वेतन विवरण आदि जमा करें।
- ईएसआईसी डिस्पेंसरी या अस्पताल से मृत्यु लाभ प्राप्त करें।
मृत्यु लाभ की राशि:
मृत्यु लाभ की राशि मृतक कर्मचारी की औसत कमाई और आश्रितों की संख्या पर आधारित होती है।
- एक आश्रित के लिए: मृतक कर्मचारी की औसत मजदूरी का 3 महीने का वेतन।
- दो आश्रितों के लिए: मृतक कर्मचारी की औसत मजदूरी का 4 महीने का वेतन।
- तीन या अधिक आश्रितों के लिए: मृतक कर्मचारी की औसत मजदूरी का 6 महीने का वेतन।
अंतिम संस्कार खर्च: मृतक कर्मचारी के अंतिम संस्कार के लिए 15,000 रुपये तक का भुगतान किया जाता है।
- सेवानिवृत्ति लाभ:
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) योजना के तहत सेवानिवृत्ति लाभ
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) योजना कुछ शर्तों को पूरा करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करती है।
सेवानिवृत्ति लाभ के प्रकार:
- पेंशन: 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पेंशन मिलती है।
- आंशिक पेंशन: 55 वर्ष की आयु में कुछ शर्तों को पूरा करने वाले कर्मचारी आंशिक पेंशन के लिए पात्र हो सकते हैं।
- अंतिम संस्कार खर्च: मृतक पेंशनभोगी के अंतिम संस्कार के लिए 15,000 रुपये तक का अंतिम संस्कार खर्च भी प्रदान किया जाता है।
सेवानिवृत्ति लाभ के लिए पात्रता:
- कर्मचारी को कम से कम 15 वर्ष का योगदान जमा करना होगा।
- कर्मचारी को 60 वर्ष की आयु पूरी करनी होगी।
- कुछ मामलों में, 55 वर्ष की आयु में आंशिक पेंशन के लिए पात्रता हो सकती है।
दावा कैसे करें:
- सेवानिवृत्ति से 3 महीने पहले, कर्मचारी को ईएसआईसी डिस्पेंसरी या अस्पताल से सेवानिवृत्ति लाभ फॉर्म प्राप्त करना होगा।
- आवश्यक दस्तावेज, जैसे कि जन्म प्रमाण पत्र, सेवा प्रमाण पत्र, योगदान विवरण आदि जमा करें।
- ईएसआईसी डिस्पेंसरी या अस्पताल से पेंशन प्रमाण पत्र प्राप्त करें।
सेवानिवृत्ति लाभ की गणना:
सेवानिवृत्ति लाभ की गणना कर्मचारी की औसत मजदूरी, योगदान अवधि और पेंशन फॉर्मूला के आधार पर की जाती है।
अंतिम संस्कार खर्च: मृतक पेंशनभोगी के अंतिम संस्कार के लिए 15,000 रुपये तक का भुगतान किया जाता है।
नई पेंशन योजना: 1 सितंबर 2021 से लागू, कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) पेंशन योजना 1995 को कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 1995 के साथ एकीकृत किया गया है। इसका मतलब है कि अब, 1 सितंबर 2021 या उसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी EPS-1995 के तहत पेंशन लाभ प्राप्त करेंगे।
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के तहत पात्रता:
- यह अधिनियम उन सभी कारखानों और प्रतिष्ठानों पर लागू होता है जिनमें 10 या अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
- 21,000 रुपये प्रति माह तक की मजदूरी पाने वाले कर्मचारी इस अधिनियम के तहत बीमा के लिए पात्र हैं।
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के लाभ:
- कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 कर्मचारियों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है।
- यह अधिनियम कर्मचारियों को बीमारी, मातृत्व और चोट के दौरान वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- यह अधिनियम कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में भी मदद करता है।
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) अधिनियम, 1948 कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है। इसके कुछ उपदेश इस प्रकार हैं:
- सामाजिक सुरक्षा: ईएसआईसी अधिनियम कर्मचारियों को बीमारी, मातृत्व, अशक्तता और मृत्यु के मामले में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है। यह वित्तीय सहायता कठिन समय के दौरान कर्मचारियों और उनके परिवारों का समर्थन करती है।
- स्वास्थ्य बीमा: ईएसआईसी अधिनियम कर्मचारियों और उनके आश्रितों को निःशुल्क चिकित्सा देखभाल प्रदान करता है। इसमें प्राथमिक, द्वितीयक और विशेषज्ञ चिकित्सा, दवाइयां, अस्पताल में भर्ती और प्रसूति देखभाल शामिल है। यह कर्मचारियों को उनके स्वास्थ्य की देखभाल करने में सहायता करता है और चिकित्सा खर्च को कम करता है।
- आर्थिक सुरक्षा: ईएसआईसी अधिनियम मातृत्व लाभ, अशक्तता लाभ, मृत्यु लाभ और कुछ शर्तों को पूरा करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान करता है। यह वित्तीय सहायता कर्मचारियों और उनके परिवारों को वित्तीय कठिनाइयों से निपटने में मदद करती है।
- नियोक्ता और कर्मचारी का साझा दायित्व: ईएसआईसी योजना में योगदान कर्मचारी और नियोक्ता दोनों द्वारा समान रूप से किया जाता है। यह नियोक्ताओं को कर्मचारियों के कल्याण में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करता है और कर्मचारियों को उनकी स्वास्थ्य देखभाल के लिए आर्थिक रूप से सक्षम बनाता है।
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) अधिनियम किन कंपनियों पर लागू होता है और इसकी गणना कैसे की जाती है?
कंपनियों पर लागू होना:
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) अधिनियम, 1948 निम्नलिखित प्रकार की कंपनियों पर लागू होता है:
- कारखाने: 10 या अधिक कर्मचारियों वाले कारखाने।
- दुकानें: 10 या अधिक कर्मचारियों वाले दुकानें।
- रेस्तरां: 10 या अधिक कर्मचारियों वाले रेस्तरां।
- व्यावसायिक प्रतिष्ठान: 10 या अधिक कर्मचारियों वाले अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान।
- मोटर परिवहन: मोटर वाहनों के संचालन में लगे 10 या अधिक कर्मचारी।
कुछ अपवाद:
- कृषि प्रतिष्ठान: ईएसआईसी अधिनियम कृषि प्रतिष्ठानों पर लागू नहीं होता है।
- शैक्षणिक संस्थान: ईएसआईसी अधिनियम शैक्षणिक संस्थानों पर लागू नहीं होता है।
- सरकारी विभाग: कुछ सरकारी विभाग ईएसआईसी अधिनियम के तहत आते हैं, जबकि अन्य नहीं आते हैं।
यह निर्धारित करने के लिए कि क्या कोई कंपनी ईएसआईसी अधिनियम के तहत आती है, नियोक्ता को ईएसआईसी कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।
ईएसआईसी योगदान की गणना:
ईएसआईसी योगदान की गणना कर्मचारी की मासिक वेतन पर आधारित होती है। योगदान दर कर्मचारी के वेतन स्लैब के अनुसार निर्धारित की जाती है।
वर्तमान योगदान दरें (1 अप्रैल 2024 से लागू):उदाहरण:
मान लीजिए कि एक कर्मचारी का मासिक वेतन ₹20,000 है। तो, ईएसआईसी योगदान इस प्रकार होगा:
- कर्मचारी का योगदान: ₹20,000 * 2.75% = ₹550
- नियोक्ता का योगदान: ₹20,000 * 4.75% = ₹950
कुल ईएसआईसी योगदान: ₹550 + ₹950 = ₹1500
नोट:
- उपरोक्त योगदान दरें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं।
- नवीनतम योगदान दरों के लिए, कृपया ईएसआईसी की वेबसाइट देखें या ईएसआईसी कार्यालय से संपर्क करें।
- ईएसआईसी योगदान के अलावा, नियोक्ता को प्रशासनिक शुल्क भी देना होगा।
यदि कर्मचारी को ESIC नहीं कटवाना हो तो Employer को क्या करना चाहिए?
कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) अधिनियम, 1948 के तहत, कुछ शर्तों को पूरा करने वाले कर्मचारियों को ESIC योजना में शामिल होने की आवश्यकता होती है।
यदि कोई कर्मचारी ESIC योजना में शामिल होने के योग्य है, तो नियोक्ता को उसका ESIC योगदान काटना और जमा करना होगा।
लेकिन, कुछ अपवाद भी हैं:
1. वेतन सीमा:
- यदि कर्मचारी का मासिक वेतन 21,000 से कम है, तो उसे ESIC योजना में शामिल होने की आवश्यकता नहीं है और नियोक्ता को उसका ESIC योगदान काटने की आवश्यकता नहीं है।
- 1 अप्रैल 2024 से, यह वेतन सीमा ₹25,000 तक बढ़ा दी गई है।
2. नए कर्मचारी:
- नए कर्मचारियों को पहले 7 दिनों के लिए ESIC योजना में शामिल होने की आवश्यकता नहीं होती है।
- 8वें दिन से, यदि वेतन सीमा ₹15,000 (या 1 अप्रैल 2024 से ₹25,000) से अधिक है, तो उन्हें ESIC योजना में शामिल होना होगा और नियोक्ता को उनका ESIC योगदान काटना और जमा करना होगा।
3. अस्थायी कर्मचारी:
- कुछ मामलों में, अस्थायी कर्मचारियों को ESIC योजना में शामिल होने से छूट दी जा सकती है।
- नियोक्ता को यह निर्धारित करने के लिए कि क्या कोई अस्थायी कर्मचारी ESIC योजना के लिए पात्र है, ईएसआईसी कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।
यदि कोई कर्मचारी ESIC योजना में शामिल होने के योग्य नहीं है, तो नियोक्ता को निम्नलिखित कार्य करने चाहिए:
- कर्मचारी को सूचित करें: नियोक्ता को कर्मचारी को लिखित रूप में सूचित करना चाहिए कि वे ESIC योजना के लिए पात्र नहीं हैं और उन्हें ESIC योगदान नहीं काटा जाएगा।
- ईएसआईसी को सूचित करें: नियोक्ता को ईएसआईसी कार्यालय को भी सूचित करना चाहिए कि कर्मचारी ESIC योजना में शामिल नहीं है।
- रिकॉर्ड रखें: नियोक्ता को यह साबित करने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखना चाहिए कि कर्मचारी ESIC योजना के लिए पात्र नहीं था।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ESIC योजना कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है, जैसे कि बीमारी, मातृत्व, अशक्तता और मृत्यु के मामले में वित्तीय सहायता।
इसलिए, नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे सभी पात्र कर्मचारियों को ESIC योजना में शामिल करें और उनका ESIC योगदान काटें और जमा करें।
कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) में दावा कैसे करें:
कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) योजना बीमारी, मातृत्व, अशक्तता और मृत्यु के मामले में कर्मचारियों और उनके परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
ESIC में दावा करने के लिए, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कर्मचारी की भूमिका:
- योगदान जमा करें: कर्मचारी को अपनी मजदूरी का एक हिस्सा ESIC योजना में योगदान के रूप में जमा करना होगा।
- दावा फॉर्म जमा करें: जब कर्मचारी को ESIC लाभों का दावा करना होता है, तो उसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा फॉर्म जमा करना होगा।
- चिकित्सा प्रमाण पत्र प्राप्त करें: यदि कर्मचारी बीमारी या अशक्तता का दावा कर रहा है, तो उसे डॉक्टर से चिकित्सा प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा।
- अस्पताल में भर्ती होने पर: यदि कर्मचारी को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, तो उसे अस्पताल में भर्ती होने का प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
- आश्रितों का प्रमाण: यदि कर्मचारी आश्रितों के लिए लाभ का दावा कर रहा है, तो उसे आश्रितों का प्रमाण जमा करना होगा।
नियोक्ता की भूमिका:
- योगदान जमा करें: नियोक्ता को कर्मचारी की मजदूरी का एक हिस्सा ESIC योजना में योगदान के रूप में जमा करना होगा।
- कर्मचारी को सहायता प्रदान करें: नियोक्ता को कर्मचारी को ESIC योजना और दावा प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान करनी चाहिए।
- दावा फॉर्म प्रमाणित करें: नियोक्ता को कर्मचारी के दावा फॉर्म को प्रमाणित करना होगा।
- आवश्यक दस्तावेज जमा करें: नियोक्ता को कर्मचारी के वेतन और सेवा विवरण जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
दावा प्रक्रिया:
- कर्मचारी दावा फॉर्म जमा करता है: कर्मचारी आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा फॉर्म जमा करता है।
- नियोक्ता फॉर्म प्रमाणित करता है: नियोक्ता फॉर्म को प्रमाणित करता है और आवश्यक दस्तावेज जमा करता है।
- ईएसआईसी दावा का मूल्यांकन करता है: ईएसआईसी दावा का मूल्यांकन करता है और यदि पात्र हो तो लाभ मंजूर करता है।
- लाभ का भुगतान: ईएसआईसी मंजूर किए गए लाभों का भुगतान कर्मचारी को करता है।
ESIC में दावा करने के लिए समय सीमा:
- बीमारी लाभ: बीमारी की शुरुआत के 15 दिनों के भीतर दावा करना होगा।
- मातृत्व लाभ: गर्भधारण की सूचना गर्भधारण के 12 सप्ताह के भीतर देनी होगी और प्रसव के 6 सप्ताह के भीतर दावा करना होगा।
- अशक्तता लाभ: अशक्तता की शुरुआत के 15 दिनों के भीतर दावा करना होगा।
- मृत्यु लाभ: मृत्यु के 7 दिनों के भीतर दावा करना होगा।
कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआईसी) अधिनियम, 1948 कुछ अपवादों के साथ निम्नलिखित प्रकार के संस्थानों और कर्मचारियों पर लागू होता है:
संस्थानों के लिए अपवाद:
- कृषि प्रतिष्ठान: कृषि कार्य में लगे कर्मचारी ईएसआईसी योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं।
- शैक्षणिक संस्थान: शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी जो शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत हैं, आम तौर पर ईएसआईसी योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं।
- सरकारी विभाग: कुछ सरकारी विभाग ईएसआईसी योजना के अंतर्गत आते हैं, जबकि अन्य नहीं आते हैं। यह निर्धारित करने के लिए कि कोई विशिष्ट विभाग शामिल है या नहीं, ईएसआईसी कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।
कर्मचारियों के लिए अपवाद:
- वेतन सीमा: यदि किसी कर्मचारी का मासिक वेतन ₹15,000 से कम है (1 अप्रैल 2024 से लागू सीमा ₹25,000 तक बढ़ाई गई है), तो वह ईएसआईसी योजना में शामिल होने के लिए पात्र नहीं है।
- अस्थायी कर्मचारी: कुछ मामलों में, अस्थायी कर्मचारियों को ईएसआईसी योजना से छूट दी जा सकती है। यह निर्धारित करने के लिए कि कोई अस्थायी कर्मचारी पात्र है या नहीं, नियोक्ता को ईएसआईसी कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।
- प्रशिक्षु: कुछ प्रकार के प्रशिक्षुओं को ईएसआईसी योजना से छूट दी जा सकती है।
अन्य संभावित अपवाद:
- निर्माण श्रमिक: कुछ राज्यों में, निर्माण श्रमिकों को एक अलग सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत कवर किया जा सकता है।
ईएसआईसी योजना में शामिल होने के लिए पात्रता के बारे में किसी भी संदेह के मामले में, नियोक्ता को ईएसआईसी कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।
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